
सारी दुनिया में अपने गुण-धर्म को रंगमंच को नया मुहारवा देने वाले पद्मभूषण हबीब तनवीर का निधन बिरादरी व आमजन की नजर में एक अध्याय का अंत है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने तनवीर के निधन पर जारी शोक संदेश में कहा है कि उनके निधन से हिंदी और छत्तीसगढ़ी रंगमंच के एक अत्यंत सुनहरे युग का अंत हो गया।
संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, कृषि मंत्री चन्द्रशेखर साहू ने पद्मभूषण से सम्मानित सुप्रसिध्द रंगकर्मी एवं नाटय निर्देशक श्री तनवीर के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री तनवीर ने छत्तीसगढ़ की समृध्द कला को रंगमंच के माध्यम से विश्व में ख्याति दिलाई। गर्व की बात है कि श्री तनवीर रायपुर के निवासी थे।
अजीत जोगी ने कहा है कि वे छत्तीसगढ़ के गौरव थे। उनसे अपने व्यक्तिगत संबंधों का स्मरण करते हुए श्री जोगी ने कहा कि उनके निधन से हुए नुकसान को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। छत्तीसगढ बनने पर छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने उन्हें सम्मानित किया था। छत्तीसगढञ की पहली सरकार ने पद्मविभूषण के लिए उनके नाम की अनुशंसा की थी।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष एवं सांसद मोतीलाल वोरा ने कहा कि श्री तनवीर ने छत्तीसगढ़ की परंपरा, साहित्य एवं संस्कृति के उत्थान के लिए जो किया भुलाया नहीं जा सकता।
छग प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि उनके निधन से रिक्त स्थान की भरपाई असंङ्घव है। बाल्यकाल से ही मरहूम तनवीर के सानिध्य में छग लोक गायन से जुड़े प्रवक्ता रिजवी ने कहा है कि मरहूम तनवीर ने अपनी जन्मभूमि तथा छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति एवं लोक गायन को विख्यात करने में कसर नहीं छोड़ी। अंतिम क्षणों तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़े रहे। साम्प्रदायिक संगठनों ने कई बार उनके कार्यों का विरोध कर प्रदर्शन व पुतला दहन भी किया परन्तु हबीब तनवीर अडिग रहते हुए दिलेरी से अपने मिशन में लगे रहे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, कार्यकारी अध्यक्षद्वय डॉ. चरणदास महंत एवं सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री भूपेश बघेल, मीडिया प्रमुख रमेश वर्ल्यानी, महामंत्री सुभाष शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता हसन खान ने कहा कि श्री तनवीर छत्तीसगढ़ी लोक भाषा तथा लोक नाटय को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर ख्याति दिलाने वाले रंगकर्मी रहे। श्री तनवीर ने छत्तीसगढ़ी साहित्य, संस्कृति, भाषा एवं लोक संगीत के उत्थान के लिए बहुत कार्य किया।
पद्मश्री हबीब तनवीर के दुखद निधन पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिवार गहरा दुख व्यक्त करते हुए आत्मा की शांति तथा उनके परिवार को इस गहरे आघात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रविन्द्र चौबे ने कहा कि श्री तनवीर ने अपनी कला व हुनर का लोहा अंतरारष्ट्रीय स्तर पर मनवाया।
प्रसिध्द रंगकर्मी हबीब तनवीर के निधन पर संचालनालय संस्कृति एवं पुरातत्व के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने शोक सभा कर भावभीनी श्रध्दांजलि अर्पित की। इस अवसर पर संस्कृति आयुक्त राजीव श्री राजीव श्रीवास्तव ने हाल ही में श्री तनवीर से हुई मुलाकात का संस्मरण सुनाया और कहा कि तनवीर महान नाटककार थे एवं छत्तीसगढ़ी लोक कला के संरक्षण, संवर्धन में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। शोक सभा में संस्कृति भिाग के एस.बी. सतपाल, एस.एस.सी. केरकेट्टा, जे.आर. भगत, उमेश मिश्रा, राकेश तिवारी, एन.के. लालवानी, प्रताप पारख, देवेश साह सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ रंग मंडल ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि उनके निधन से भारतीय रंगजगत के एक अध्याय की समाप्ति हो गई। रंग मंडल के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल, महासचिव डॉ. कुंजबिहारी शर्मा, सह सचिव संजय मैथिल ने उनको याद करते हुए उनकी संपदा को संरक्षित करने की मांग की है। कवयित्री नीलू मेघ ने अपने संबंधों का स्मरण करते हुए कहा कि उनका निधन समूचे रंगजगत के लिए गहरी क्षति है। जलील रिजवी, शेखर शुक्ला ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उनका स्मरण किया।
छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार संस्थान के प्रदेशाध्यक्ष एवं प्रसिध्द छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माता निर्देशक मोहन सुंदरानी ने कहा कि तनवीर छत्तीसगढ़ प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने प्रदेश की माटी को विश्व में बिखेरा।