सुप्रभ कुमार
वर्दी में है बहुत गुण सदा रखिए संग
वर्दी ना पहनी तो लला, तेरी लज्जा होगी भंग
यह ताजातरीन दोहा हमें एक पुराने मित्र ने फोन पर सुनाया फोन पर सुनाया। मित्र बोले - भैया, पहन लो वर्दी वरना लग जाएगी सर्दी। हमने पूछा - भैया । ये तुम्हें क्या हो गया जो आज वर्दी-वर्दी चिल्ला रहे हो। मित्र ने कहा - देखो भैया, वर्दी में हैं बहुत गुण। मसलन अपने पड़ोसी पाकिस्तान के राष्ट्रपति को ही लो। अगर वे एक दिन भी वर्दी उतार दें तो उन्हें दूसरे दिन ही देश छोड़ना पड़ जाए। सारा पाकिस्तान उनकी वर्दी से खौफ खाता है। सेना की वर्दी पहनने से सेना वाले भी उनके साथ हैं।
हमने कहा - च्देखो भैया। पाकिस्तान में तो फौज की हुकूमत है पर अपने देश में वर्दी पहनने की क्या जरूरत है? वे हँसे और बोले - च्भैया, वर्दी की जरूरत जितनी तानाशाही में है उससे ज्यादा डेमोक्रेसी में है। एक बीस बरस पुराना किस्सा सुनाता हूँ -
अपने मरुप्रदेश के सीमांत शहर में एक बार एक पुलिस कप्तान बिना वर्दी के जुआरियों की महफिल में जा रहे थे। जुआबाजों ने समझा कि कोई मोटा आसामी जुआ खेलने आया है। सो बड़े प्रेम से अपने पास बिठा कर उसके पत्ते भी बांट दिए। लेकिन जब कप्तान साहब कहने लगे कि मैं कप्तान हूँ तो एक जुआरी उठा और कहने लगा - अरे तू कप्तान है तो हम अम्पायर हैं। इतना कह कर सारे जुआरियों ने मिल कर उसे पीट दिया। अगर उस वक्त कप्तान साहब वर्दी में होते तो जुआरियों की क्या औकात जो उनकी शान के खिलाफ एक लफ्ज भी बोलते।
मित्र का किस्सा सुन हमें हँसी आ गई। बोले - च्भैया, सच कहा आपने। आदमी जब वर्दी में होता है तो उसमें असीम ताकत आ जाती है। हमारे मोहल्ले में एक सिपाही जी रहते हैं। जब वे पाजामा कुर्ता पहने रहते हैं तो उनकी हालत माली के टोकरे में पड़े ती दिन पुराने बैंगन जैसी होती है। लेकिन जब वे खाकी वर्दी पहन लेते हैं तो कच्चे केले की तरह तन जाते हैं। वर्दी पहनते ही आदमी के शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है।
मित्र ने कहा - च्अब तो मान गए वर्दी के गुण। अब देखो वर्दी में नहीं होने पर थानेदारजी ने ही अफसर को तान दिया। इससे सिध्द हुआ कि आदमी का सारे महत्वपूर्ण काम वर्दी पहन कर निपटाने चाहिए। मित्र ने मिनटों में हमें वर्दी की महिमा समझा दी। आपके पास अगर वर्दी है तो उसे पहन कर चाहे सिनेमा देखने जाएँ या बस में सफर करें, पंसारी की दुकान पर दाल खरीदने जाएँ या बजाज की दुकान पर पायजामे का कपड़ा खरीदने। अगर वर्दी में रहेंगे तो अपने आप लाभ हो जाएगा। कुछ भी कहने की जरूरत ही नहीं होगी। यही है वर्दी की महिमा।