राजेन्द्र प्रसाद वर्मा
धरै लेबो हमन संगी जम्मोच झन मसाल गा,
बैन जाबो हमन संगी, बैरी मन कर काल गा।
आगू माया जम्मोच झन ला, हमन दो सीखाबो,
नई मानही तेकर पाछू, हमूं मन बताबो।
हाथ-गोड़ ला टोयेर-टोयेर, उधेड़ब हम खालगा,
धरै लेबो हमन संगी...
ओहू मन कहीं हमन संगी, काकर पहटा परेन,
अन्नभनियाँ लेहमन संगी, येमन हे लड़ेन,
देश कर सिपाही हवन, फेंकबो हमन जाल गा।
धरै लेबो हमन संगी...
मायेर-मायेर सुरिता ला, ओमन कर भुलाबो,
जोरा हें बाँयेध-बाँयेधके गछहें लटकाबो,
जीव जहान लड़ाये के संगी, करबो देश निकालगा।
धरै लेबो हमन संगी...
देश कर सेवा हमन, जान लड़ाये के करथन,
मरेक जीयेक ला हमन संगी, कभो न डरथन,
जेघिन हमन रिसाथन होथन,जीव कर जीव कर जंजालगा।
धरै लेबो हमन संगी