शुक्र है
उसने मारा पेपर वेट
अरे भाई
मारा नहीं फेंका
अगर न चूकता
तो कोई भी अंग
हो जाता भंग
संसद की तरह
जुड़ने में वक्त लगता
और जैसा आया है
वैसा कहाँ जुड़ता
मान लो
हाथ में कुछ और होता
यानी टाइप राइटर
पेन स्टेड
यानि साथ खड़े सिपाही की बंदूक
तब क्या करते
वहीं पर ढेर होने के अलावा
क्या चारा था read more »