हमर संस्कृति के पहचान ल बताये बर हमर शिक्षा प्रणाली म जगह होना चाही। पहिली के शिक्षा प्रणाली अंगरेज मन के आवश्यकतानुसार रहिस हे ऊंखर रहिस हे के सहर अउ गांव के बीच सांस्कृतिक दूरी ल बढ़ाये जाय। येखर परिणाम होईस सहरी युवा म सांस्कृतिक पहचान म कमी आइस। अऊ गांव डाहर के जिनगी जुन्ना संस्कृति म ठहर गे। ये खाई ह आज तक नई पटे हावय। येला सांस्कृतिक, शैक्षणिक कार्यक्रम ले पाटना चाही।
हबीब तनवीर के कहना रहिस हे, के भारत एक कृषि प्रधान देस आय। इहां के जनसंख्या बहुत जादा हावय, ओखर अधिक से अधिक जनसंख्या ह परखामन ले मिले हावय ओला ओमन लिख नई सकंय। जेन मनखे मन सिक्छा पाके सहर म आगे तेन मन सहरी संस्कृति ल अपना लेथे अउ अपन संस्कृति ले दूरिहा जथे। इही कारण आय हमर संस्कृति के गंवाय के। read more »